रेल ट्रैक बनाकर मऊ को गाजीपुर से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए ताड़ीघाट और गाजीपुर घाट स्टेशन को जोड़ने के लिए गंगा पर दो मंजिला पुल बनाने की मंजूरी नीति आयोग ने तीन दिन पहले दे दी है। यह जानकारी शनिवार को रेल विकास निगम लिमिटेड (आरबीएनएल) के सीएमडी सतीश अग्निहोत्री ने दी। इसके पूर्व उन्होंने अधिकारियों के साथ ट्रैक और पुल के लिए गंगा के किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया।
सिटी रेलवे स्टेशन के वीआईपी हाल में पत्रकारों से बातचीत में रेल विकास निगम के सीएमडी सतीश अग्निहोत्री ने बताया कि ताड़ीघाट को गाजीपुर घाट से जोड़ने के लिए गंगा पर बनने वाले नए ब्रिज के लिए नीति आयोग ने मंजूरी दे दी है। इस पुल पर रेलवे लाइन और सड़क का भी निर्माण कराया जाएगा ताकि ट्रेन के साथ चारपहिया वाहन भी आ-जा सकें। निर्माण प्रक्रिया शुरू करने से पहले निरीक्षण कर सारे तथ्यों को जुटाया जाएगा।
इसके लिए नामित एजेंसी दो-तीन दिनों में सर्वे शुरू कर देगी। ग्राफ तैयार होने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। उन्होंने कहा कि बलिया और गाजीपुर रेल लाइन का दोहरीकरण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। विद्युत इंजन को छपरा से वाराणसी तक दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण कार्य भी शुरू हो चुका है। इस अवसर पर आरबीएनल के पीके सिंह, पीके जैन, विकास चंद्रा, सहायक मंडल रेल प्रबंधक संतोष शुक्ला, सीनियर डीइएन राहुल श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार, रेल राज्यमंत्री के प्रथम सहायक सिद्धार्थ राय, अभिषेक राय आदि मौजूद रहे।
बता दें कि केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मंत्री बनने के बाद ही मऊ को गाजीपुर से जोड़ने के लिएरेलवे ट्रैक और ताड़ीघाट से गाजीपुर घाट स्टेशन को जोड़ने के लिए गंगा पर दो मंजिला ब्रिज का निर्माण कराने की घोषणा की थी। तीन दिन पहले नीति आयोग ने गंगा पर ब्रिज की मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मुहर लगते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।