जिलाधिकारी एमपी सिंह की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं मासिक स्टाफ बैठक राइफल क्लब सभागार में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी , औद्योगिक ऋण, बाट-माप, बैंक देय, परिवहन, मंडी समिति, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, अंश निर्धारण, आईजीआरएस, मोटर देय, सिंचाई, काउंडर फाइल के संबंध की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।
इस के दौरान कम राजस्व प्राप्ति वाले विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होनें समस्त संबंधित अधिकारियों को हर महीने लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं की जाएगी उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ की। इसमें लंबित प्रकरण एवं विवादित, दाखिल खारिज 122बी में विवादित वादों का निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने आडिट आपत्ति, व्यापार कर, परिवहन कर, बैंक देय, तथा जनपद के बड़े बकाएदारों की जानकारी ली और उनसे वसूली करने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के निस्तारण के संबंध में सभी पीठासीन अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निस्तारण गुण एवं दोष के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जन सामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकरी वित्त राजस्व राजेश कुमार सिंह समस्त उपजिलाधिकारी तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।