फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahashivratri 2024: महाहर धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, राजा दशरथ ने कराया था मंदिर का निर्माण

Sun, 03 Mar 2024 03:24 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Mahashivratri 2024 : महाशिवरात्रि पर महाहर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर यहां शिवभक्तों का हुजूम उमड़ता है। जनपद के अलावा गैर जनपदों के शिवभक्त भी महादेव के दर पर मत्था टेकने आते हैं। 
विज्ञापन
गाजीपुर का महाहर धाम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत विभिन्न शिवालयों की साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में हजारों आस्थावानों की आस्था के प्रतीक क्षेत्र के महाहर धाम में भी महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां चल रही हैं। महाशिवरात्रि पर महाहर धाम में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ता है। जनपद के अलावा गैर जनपदों के शिवभक्त भी महादेव के दर पर मत्था टेकने आते हैं। 

विज्ञापन


महाहर धाम में महाशिवरात्रि के अलावा सावन के महीने में भी शिवभक्तों का रेला उमड़ता है। जिला मुख्यालय से गंगाजल लेकर 35 किमी की दूरी पैदल तय करके शिवभक्त महादेव के दरबार में पहुंचते हैं। वहीं महाशिवरात्रि पर महाहर धाम में मेले का आयोजन किया जाता है। 

लोग महाहर धाम सपरिवार पहुंचते हैं। विधि-विधान से महादेव का पूजन करके बाद में लोग मेले का लुत्फ उठाते हैं। दूसरी तरफ महाशिवरात्रि को देखते हुए महाहर धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। 
विज्ञापन


साफ-सफाई के साथ मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाने की तैयारी चल रही है। महाशिवरात्रि पर महाहर धाम को आकर्षक तरीके से सजाया जाता है। यहां विभिन्न जनपदों के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार से भी श्रद्धालु आते हैं। आस्थावानों का विश्वास है कि महाहर धाम के शिवलिंग पर जल चढ़ाने से सारे पाप कट जाते हैं। 

विज्ञापन

ये है मान्यता

मान्यता है कि महाहर धाम का निर्माण राजा दशरथ ने कराया था। यह दशरथ गढ़ी के नाम से भी विख्यात है। राजा दशरथ के शब्दभेदी बाण से यही पर श्रवण कुमार की मृत्यु हुई थी। महाहर धाम के दक्षिण दिशा की ओर श्रवणडीह नामक गांव भी मौजूद है। वहीं श्रवण कुमार का मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। 

महाहर धाम परिसर में शिवमंदिर के अलावा भगवान हनुमान, भैरव, संत रविदास, मां दुर्गा, राधा-कृष्ण, राम-लक्ष्मण-जानकी और ब्रह्मा की चारमुखी प्रतिमा स्थापित है। महाहर धाम में तेरहमुखी शिवलिंग स्थापित है। साथ ही शिव-पार्वती की मूर्ति भी है। मंदिर के सामने उत्तर से दक्षिण की तरफ में एक किलोमीटर तक लंबा सरोवर है। बताया जाता है कि हजारों वर्ष पहले इस स्थान पर मां गंगा प्रवाहित होती थीं। लेकिन, अब यह पुरईन झील के रूप में रह गया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें