दरअसल, गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी एमएलए कोर्ट (गाजीपुर) रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने उसरी चट्टी हत्याकांड में सुनवाई हुई। मामले में आरोपी मिर्जापुर जेल में बंद त्रिभुवन सिंह की कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी हुई।
तकनीकी कारणों से अभियोजन की तरफ से गवाह की गवाही नहीं हो सकी। गवाहों ने गवाही दर्ज करने के लिए एवं अपने जान का खतरा होने के संबंध में अर्जी दी। इसी क्रम में मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बांदा जेल में निरुद्ध पिता की सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए अर्जी दी।