मैम, मेरी फोटो कहीं से वो (युवक) पा गया है। उसे एडिट करके अश्लील बना दिया है और उसे अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर कर रहा है। प्लीज मैम कुछ करिए...। इस तरह की फरियाद बुधवार को जनपद में आई उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य गीता बिंद से लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में एक युवती ने लगाई।
महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहीं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य के सामने इसी तरह का एक मामला वाराणसी का भी आया। महिला का आरोप था कि उसका पति और उसके बेटे को घर से निकाल दिया है। खाने तक का खर्च नहीं दे रहा है।
वहीं, एक पाॅक्सो एक्ट के तहत एक पीड़िता के परिवार ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। जबकि घरेलू हिंसा के एक मामले में महिला ने अपनी ननद का नाम मुकदमे में न होने की शिकायत की। इसी तरह जमीन विवाद से जुड़े एक मामले को लेकर महिला फरियादी पहुंची। सुनवाई के दौरान आए कुल पांच प्रकरणों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा।
साथ ही निस्तारण में कठिनाई आने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा व किसी प्रकार के उत्पीड़न से न्याय दिलाने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के विकास का मुद्दा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की सभी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने का कार्य किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने शहर कोतवाली और महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया।
इस दौरान दिशा-निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने मीरनपुर सक्का स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान गोदभराई और अन्नप्रासन का कार्यक्रम हुआ। बच्चियों को फल, बेबी किट, कपड़ा, मिठाई आदि वितरित किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए।
जिला कारागार में महिला बंदियों से उनके स्वास्थ्य और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, डिप्टी कलेक्टर ज्योति चौरसिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामनगीना यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एमके सिंह आदि मौजूद रहे।