प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मटेहूं पर लटका ताला।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मटेहूं पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक ताला लटका रहा। जिससे इलाज के लिए पहुंचे लोगों को काफी देरी तक स्वास्थ्यकर्मियों के लिए टकटकी लगाकर बैठना पड़ा। वहीं दूसरी ओर इस स्वास्थ्य केंद्र को लेकर लापरवाही का आलम यह है कि साल 2008 में स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से आज तक इसकी रंगाई-पुताई भी नहीं हुई है।
वहीं मंगलवार को ग्रामीणों की सूचना पर सुबह 11 बजे स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य दरवाजे पर ताला खुला। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के तौर पर डॉ. प्रकाश चन्द्र यादव, डा. राजीव गोड़, फर्मासिस्ट रामकेवल यादव सहित फिल्ड के अन्यय पांच स्टाफ तैनात हैं।
वहां इलाज कराने पहुंचे अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि करीब 10 बजे दवा लेने के लिए पांच किलोमीटर दूर चंवर गांव से अस्पताल पहुंचा तो देखा कि ताला बंद है। काफी इंतजार के बाद भी 11 बजे तक कोई स्टाफ नहीं आया तो मैं गेट पर बैठकर उनका राह देखता रहा।
इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को गोद लेने वाले भाजपा नेता चन्द्रभान सिंह का कहना है कि केंद्र पर तैनात सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी मनमाने ढंग से करते हैं। प्रतिदिन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन विभाग इसकी सूध नहीं ले रहा। संबंधित अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया था। बावजूद इसके ताला बंद रखनासरकार की मंशा पर पानी फेरने वाला है जो निंदनीय है।
इधर, भाजपा नेता अजय सिंह बसवारी ने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण सब कुछ फिसड्डी साबित हो रहा, स्वास्थ्य केन्द्र के कायाकल्प के लिए गोद लिया गया परन्तु उसके कई दिनों बाद भी यहां कि स्थिति व व्यवस्था में सुधार नाम की कोई गुंजाइश नहीं। 11 बजे तक ताला बंद घोर लापरवाही व उदासीनता को उजागर कर रहा है।