विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने सोमवार को नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया और अर्थदंड की राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामले के मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर के बजाय एसआई अगम दास के करने पर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के लिए एसपी को पत्र प्रेषित करने का आदेश दिया।
ये है पूरा मामला
बहरियाबाद थानाक्षेत्र की एक महिला ने 26 सितंबर 2021 को तहरीर देकर कहा कि दोपहर में उसी गांव के मोनू चौरसिया की दुकान पर उसकी बेटी बिस्किट खरीदने गई थी। वहां मोनू और उसका साथी (नाबालिग) पहले से मौजूद थे।
मोनू ने पीड़िता को पानी लाने के लिए अपने घर के अंदर भेज दिया। इसी समय चुपके से दोनों घर के अंदर गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही उसकी वीडियो बना ली। इस पर दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान मोनू का नामजद साथी नाबालिग पाया गया। पुलिस ने दोनों का चालान कर जेल भेजा और नाबालिग के विरुद्ध आरोप पत्र किशोर न्यायालय व मोनू के विरुद्ध आरोप पत्र विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट में प्रस्तुत किया। अभियोजन की तरफ से कुल नौ गवाहों को पेश किया गया।