शुद्धता की गारंटी देने वाले दूकानदार मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेरोकटोक बाजार में बेच रहे हैं। लोगों की माने तो यह किसी जहर से कम नहीं है। समय-समय पर इसका खुलासा खाद्य विभाग भी करता रहा है। पिछले 12 महीने में अलग-अलग दूकानों से कुल 150 सैंपल लिए गए। लैब में इनकी जांच के बाद 60 फीसदी खाद्य पदार्थों में मलावट मिला है। रिपोर्ट आने के बाद अब तक 10 दूकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कई दूकानों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। जनपद के उपभोक्ता मिलावटखोरी के गोरखधंधे से परेशान हैं।
ग्राहकों के लिए सामानों में मिलावट को पहचान पाना कठिन नहीं, बल्कि नामुमकिन है। पैक सामानों के रेपर में भी समानता के साथ सारी चीजें लगभग ओरिजनल जैसी होती हैं। कुछ फाल्ट जरूर होते हैं, लेकिन उसे बहुत बारीकी के साथ देखने पर पता चलता है। बाजार में मसाले, दाल, आटा, धनिया, खोवा, मैदा, पनीर, दूध, बेसन, तेल, मिठाई, मेवे, हल्दी आदि धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। दशहरा खत्म होने के बाद अब दीपावली नजदीक है। ऐसे में मिलावट का बाजार अभी से सजने लगा है। इससे बचने के लिए सामान की जांच कराई जा सकती है। लेकिन ग्राहकों में भी जागरूकता की कमी है। उधर, विभागीय अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं, जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।