जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में माक ड्रील की जानकारी लेती वाराणसी मंडल की जेडी डा. मनीषा सिंह।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं से जिला अस्पताल को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में बीमार बच्चों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने का शुक्रवार को पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान शुक्रवार को वाराणसी मंडल की जेडी डा. मनीषा सिंह ने डॉक्टरों से उपकरणों के संचालन की जानकारी भी ली।
कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है। जिला अस्पताल में 60 बेड का जहां पीकू वार्ड स्थापित कराया गया है। वहीं जिला महिला अस्पताल में 40 बेड का पीकू वार्ड बना है। इसके अलावा मुहम्मदाबाद, मनिहारी, सैदपुर और भदौरा सीएचसी पर ऑक्सीजन के पांच-पांच बेड भी सुरक्षित किए जा चुके हैं। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ऐसे में इन तैयारियों का जायजा लेने के वाराणसी मंडल की जेडी डा. मनीषा सिंह और डब्लूएचओ की आशा राघवन जिला अस्पताल पहुंची। वहां के पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईसीयू एवं एचडीयू वार्ड के साथ दवा की उपलब्धता की भी जानकारी ली। साथ ही बीमार बच्चों के एंबुलेंस से वार्ड तक लाने, उन्हें तत्काल ऑक्सीजन लगाने, वेंटिलेटर के संचालन एवं आईसीयू वार्ड से एचडीयू में शिफ्ट करने की पूरी जानकारी ली। साथ ही डॉक्टरों दिशा-निर्देश भी जारी किया। इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुजीत मिश्रा, डॉ तनवीर, डा. केके सिंह, डा. दीपक तिवारी, डा. केएन चौधरी एवं डा. शाही मौजूद रहे।