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जिले में आरटीपीसीआर से जांच शुरू

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शहर स्थित जिला अस्पताल गोराबाजार में शनिवार की शाम से आरटीपीसीआर जांच शुरू हो गई। एक सप्ताह तक ट्रायल के रूप में 20 संदिग्धों की आरटीपीसआर जांच की जाएगी। इसके बाद एक जनवरी से 200 लोगों की जांच रिपोर्ट निकलेगी। इसके बाद धीरे-धीरे जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी। तीन घंटे में रिपोर्ट मिलने से अब मरीजों को जहां बेहतर उपचार मिल सकेगा, वहीं डॉक्टरों को भी उपचार करने में सहूलियत होगी। वहीं लंबे समय से बंद नाक, कान और गला के आपरेशन का क्रम शुरू हो गया है। एक ईएनटी सर्जन की तैनाती यह जहां समस्या दूर हो गई है, वहीं एक और ईएनटी सर्जन की तैनाती को लेकर मेडिकल कालेज प्रशासन प्रयास कर रहा है।
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ओमिक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अर्लट है। लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। इधर आरटीपीसीआर जांच लैब में मशीन स्थापित होने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में कीट भी उपलब्ध हो गया है। अब तक जनपद ट्रूनॉट और एंटीजन से जांच की जाती थी। आरटीपीसीआर जांच के लिए स्वैब बीएचयू भेजा जाता था। रिपोर्ट में बिलंब होने पर मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। वहीं राजकीय मेडिकल कालेज के शुरू होने के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ने लगी हैं। जिला अस्पताल में अब ईएनटी का आपरेशन भी शुरू हो गया है। ईएनटी विभाग में तैनात हुए डा. आनंद यादव ने पिछले सप्ताह एक युवक का टांसिल का सफल आपरेशन किया। मालूम हो कि ईएनटी विभाग में काफी दिनों से चिकित्सक का पद खाली चल रहा था, जिससे मरीजों को ओपीडी सुविधा तक नहीं मिल पाती थी। ऐसे में यहां के मरीजों को गैर जनपदों में उपचार और आपरेशन के लिए जाना पड़ता था। इस संबंध में मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि एक ईएनटी सर्जन तैनात हैं। इनके द्वारा अपरेशन किया जा रहा है। एक और सर्जन के लिए पत्र लिखा गया है। सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि आरटीपीआर जांच शुरू हो गई है। एक सप्ताह तक 20 लोगों की जांच होगी। इसके बाद 200 लोगों की प्रतिदिन जांच कराई जाएगी।
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