भड़सर से वेदबिहारी पोखरा जाने वाले मार्ग पर बिहरा गांव के सामने जर्जर सड़क पर जलजमाव।
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जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का अभियान 15 सितंबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगा। इस बार सड़कों को गड्ढामुक्त करना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती साबित होगी। वजह यह है कि निर्माण सामग्री में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है जबकि बजट का आवंटन पिछले साल से भी कम किया गया है। ऐसे में गुणवत्ता के साथ काम हो पाएगा, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लोक निर्माण विभाग की मानें तो सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए प्रति किलोमीटर एक लाख रुपये की मांग की गई थी लेकिन प्रति किलोमीटर करीब 38 हजार रुपये ही उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि पिछले साल 2020 में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए प्रति किलोमीटर 40 हजार रुपये भेजा गया था। साल भर में सड़क निर्माण इस्तेमाल होने वाली सामग्री बड़ी गिट्टी, बालू, डस्ट, पीसी पेंटिंग, सीमेंट, सरिया और लाल बालू आदि के दाम आसमान छू रहे हैं। इसकी वजह से ठेकेदार भी निर्माण सामग्री के सस्ते होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन 15 सितंबर से गड्ढा मुक्त अभियान शुरू होने के कारण उन्हें जैसे तैसे काम कराना ही पड़ेगा। ठेकेदारों के सामने चुनौती पैदा हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने अक्तूबर 2020 के ही रेट पर ही ठेकेदारों को काम आवंटित किया है। इसमें सुकुरूत की बड़ी गिट्टी का रेट 1823 रुपये प्रति घन मीटर, पीसी 2572 रुपये घन मीटर और डस्ट 2192 रुपये प्रति घन मीटर है। जबकि पिछले साल भर में इन सभी निर्माण सामग्रियों की दर में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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ब्लॉक स्तर पर तीन से चार अवर अभियंताओं को मिला प्रभार
गड्ढा मुक्त अभियान के तहत जिले की 748 किमी सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर तीन से चार अवर अभियंताओं को प्रभार सौंपा गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसको लेकर वर्टिकल टेंडर की भी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। क्षेत्र की सड़कों को विभाग ने चिह्नित कर लिया है। अब इन सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जाए।
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सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान को लेकर आज बैठक की गई है। ठेकेदारों को काम बांट दिया गया है। युद्ध स्तर पर काम को कराने की तैयारी है। विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी इस कार्य को सफल बनाने में लगे हैं।-जैनू राम, प्रभारी अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग गाजीपुर।