गाजीपुर। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की मैपिंग से छूटे 1.40 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत निर्वाचन विभाग सत्यापन के लिए नोटिस भेज रहा है। लेकिन प्रक्रिया की रफ्तार धीमी है।
सूची प्रकाशन के करीब 18 दिन बाद भी सिर्फ 26,549 मतदाताओं को ही नोटिस जारी किया गया है। जबकि चिह्नित 1,40,539 मतदाताओं का सत्यापन 6 फरवरी तक कराना है। अब भी करीब 1.06 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें नोटिस तक नहीं मिला, वहीं अब तक करीब 1017 मामलों का ही निस्तारण हो सका है। हालांकि उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर शेष बचे नो मैपिंग वाले वोटरों को नोटिस जारी किया जाएगा।
उधर, जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वह निवास, जन्म तिथि और पारिवारिक संबंध से जुड़े वर्षों पुराने अभिलेख जुटाने में लगे हैं। दस्तावेज न मिलने से उन्हें नाम कटने का डर है।
शनिवार को एसआईआर के तहत तहसील और ब्लॉक स्तर पर सुनवाई की गई। जानकारी के अभाव और अधूरे दस्तावेजों के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं की समस्या का समाधान नहीं हो सका और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। ईआरओ की ओर से मैपिंग से छूटे मतदाताओं से 12 प्रकार के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने फार्म-6 के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची सार्वजनिक कर राहत देने की कोशिश की है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी मतदाता को पुराने रिकॉर्ड की जरूरत हो तो उन्हें समय से उपलब्ध कराया जाए।
आयु प्रमाण के लिए मान्य अभिलेख
जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट और अन्य वैकल्पिक दस्तावेज (यदि उपरोक्त उपलब्ध न हों)
अभिलेख न होने पर क्या करें
-18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदक माता-पिता/गुरु के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र दे सकते हैं
- माता-पिता न होने की स्थिति में ग्राम प्रधान/नगर निकाय सदस्य का आयु प्रमाण पत्र मान्य
- 21 वर्ष से अधिक आयु वालों को केवल घोषणा पत्र देना होगा
नोटिस मिलने पर देना होगा यह विवरण
घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं या माता-पिता/दादा-दादी/नाना-नानी में से किसी एक का विवरण देना होगा। डेटाबेस से विवरण मेल न खाने पर 13 में से किसी एक वैध अभिलेख को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।