गाजीपुर। मानव धर्म प्रसार समाज सेवी संस्था श्री गंगा आश्रम की ओर से संचालित शाखा पखनपुर का वार्षिक सम्मेलन सोमवार को ईश प्रार्थना से शुरू हुआ। आश्रम के सर्वराहकार भोला बाबा ने ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया।
माधव कृष्ण ने कहा कि सुख पाने के लिए हम तमाम रास्ते खोजते हैं। गंगादास महाराज ने कहा कि अगर सुख पाना चाहते हो तो दूसरों को सुख दो। दुख का कोई अंत नहीं है। दूसरों को दुख देना ही पाप है। उन्होंने आगे कहा कि झूठ बोलने वाला कभी आगे नहीं बढ़ता है।
भगवान भाव का भूखा होता है। अपना उद्धार व्यक्ति को खुद करना है, समय रहते हम सब चेत जाएं। मनुष्य को मनुष्य बना देना यही चमत्कार है। अपने जीवन में अच्छे आचरण को स्थान दें। अवधेश मास्टर ने कहा कि व्यक्ति को अंदर और बाहर दोनों से स्वच्छ होना चहिए। तब व्यक्ति भगवान का प्रिय हो जाएगा। मानव धर्म के तीन सूत्र सत्य, न्याय और धर्म है।
सत्य के समान कोई धर्म नहीं है। सभी धर्म आपस में प्रेम करना सिखाते हैं। कोई भी धर्म अधर्म करना नहीं सिखाता।
अपना कल्याण करना चाहते हो तो संतों की वाणी को मानना पड़ेगा। इससे पहले गुरु वंदना तेज बहादुर ने प्रस्तुत किया। सभा में इंद्रदेव, मोहन, राजदेव, शिखा तिवारी, राजेंद्र, वीरेंद्र आदि उपस्थित थे। अंत में आरती एवं प्रसाद वितरित हुआ। संवाद