देवकली। मौर्य, कुशवाहा समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस वंश में अनेक सम्राट, संत एवं समाज सुधारक पैदा हुए जिन्होंने देश एवं विदेश में मानवता का संदेश दिया। जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है वह विकास की दौड़ में पिछड़ जाता है। ये बातें सम्राट अशोक जयंती समारोह में पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के कहीं।
उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक का जन्म ईसा पूर्व 302 में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुआ था। सम्राट अशोक ने विशाल साम्राज्य की स्थापना कर भारत को विश्व गुरु बनाकर अखंड भारत का निर्माण किया। उनके शासनकाल में भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। उनके शासनकाल में लोग जात-पात में नहीं बंटे थे। घरों में ताले नहीं लगते थे। लेकिन आज समाज दिशाहीन होकर अपने अतीत को भूल गया है जो पिछड़ने का प्रमुख कारण है।
इस अवसर पर राजनाथ कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, धर्मेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र कुमार मौर्य, अवधेश कुशवाहा, प्रमोद मौर्य, धर्मराज मौर्य, रामलाल मौर्य, रामवृक्ष कुशवाहा, बबलू, सुरेंद्र, विबोध, हंसराज, उमाशंकर, डा. संजय कुशवाहा, राजपति, रामकिशुन, रमाशंकर, कालीचरन, भुवनेश्वर, मनोज कुशवाहा, रामनरेश कुशवाहा, देवनाथ कुशवाहा आदि मौजूद थे। संचालन अशोक कुशवाहा ने किया।