इसी के साथ गाटा संख्या 98/2 रकबा एक बीघा एवं गाटा संख्या 99 रकबा छह बीघा भूमि पर नाम दर्ज न होने के बावजूद बिना किसी विधिक अधिकार एवं स्वामित्व के ही सैयद कैसर हुसैन, जफर अब्बास, सैयद सादिक हुसैन निवासी खुदाईपुर, नखास ने पंजीकृत विक्रय विलेख 23 सितंबर 2005 को आफसां अंसारी के पक्ष में कर दिया।
इसका 30 जून 2005 को अवैध ढंग से नामांतरण भी करा लिया गया। इसी प्रकार गाटा संख्या 100, रकबा खावा 15 (4) की भूमि है। चंद्रसेन विश्वकर्मा ने विधि विरुद्ध ढंग से 29 अगस्त 2000 को अब्बास अंसारी एवं उसी दिन गाटा संख्या 100 रकबा दो बीघे का विक्रय विलेख उमर अंसारी के पक्ष में कर दिया।
जबकि दोनों विक्रय विलेख विधि विरुद्ध एवं शून्य थे। हालांकि इसके बाद भी खरीदने वालों ने नगर पालिका के असेसमेंट पंजिका में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस मामले में 19 सितंबर को हलका लेखपाल ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
नगर के महुआबाग स्थित ‘गजल’ होटल के मामले में सुनवाई पूरी कर ली गई है। आदेश टाइप किया जा रहा है। जल्द ही इसकी जानकारी दी जाएगी।
प्रभाष कुमार, सदर एसडीएम।