संगठित गिरोह और गैंग बनाकर अपराध करने वाले अपराधियों पर प्रदेश सरकार लगातार शिकंजा कसती जा रही है। इधर शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से मुख्तार अंसारी गैंग आइएस 191 के करीबी एवं निजी अस्पताल के संचालक बरबरहना निवासी मोहम्मद आजम सिद्दीकी समेत परिवार के सात लोगों का बीते 30 सितंबर को जिलाधिकारी ने लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
कार्रवाई के बाद सक्रिय हुई पुलिस प्रशासन की टीम ने मोहम्मद आजम सिद्दीकी के पास मौजूद एसबीबीएल गन, रिजवान अली का डीबीबीएल गन, मोहम्मद अली डीबीबीएल गन, मुहम्मद जाहिद एक डीबीबीएल, मोहसिस सिद्दीकी एक रायफल, एक डीबीबीएल गन और मोहम्मद शादाब सिद्दीकी एक राइफल को कोतवाली में जमा कराया गया।
इससे पूर्व भी जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से सहयोगियों, परिजनों और रिश्तेदारों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के साथ विभिन्न थानों में जमा कराया गया है। कोतवाल दिलीप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा लाइसेंस निलंबित करने के बाद शस्त्रों को मालखाने में जमा करा लिया गया है।