बलिया। आरबीएसके योजना के तहत करीब 2.90 लाख स्कूली बच्चाें के स्वास्थ्य की जांच 10 माह नहीं हो रही है। बाल सुरक्षा गारंटी के तहत संचालित वाहनों का संचालन न होने से चिकित्सकीय टीम पैदल हो गया है, जिससे आठ से 10 किमी दूर स्कूलों में जांच के लिए नहीं पहुंच पा रही है। जिले की रैकिंग शून्य जा रही है। दिसंबर माह में निविदा निकला था, लेकिन टेंडर में सीडीओ के द्वारा कुछ बिंदुओं पर आपत्ति के बाद कैंसल हो गया था। करीब 11 वेंडरों को एक लाख से अधिक रुपया का नुकसान हुआ था। तीन माह बाद भी टेंडर प्रकिया चलने की बात स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
बाल सुरक्षा गारंटी के तहत आरबीएसके योजना के तहत जिले के 17 विकास खंड में दो-दो वाहनों का संचालन होता था। उक्त वाहनों से आरबीएसके के चिकित्सक की टीम क्षेत्र के स्कूलों में जाकर छात्र छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। विगत करीब 10 माह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र की शिकायत पर संचालित वाहनों की जांच हुई।
जांच व अनावश्यक दबाव से परेशान वेंडर ने असमर्थता जताते हुए काम छोड़ दिया। तत्कालीन सीएमओ डॉ. संजीव वर्मन ने सेवानिवृत्त के पूर्व वाहनों के लिए टेंडर निकाला। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने निविदा की जांच की तो कुछ बिंदुओं पर आपत्ति होने दर्ज किया, जिस पर विभाग ने कैंसिल कर दिया। उसके बाद अब तक टेंडर प्रकिया चल रही है।
आरबीएसके के तहत चिकित्सकों के स्कूल आने जाने के लिए वाहन के लिए निविदा निकालने की प्रकिया चल रही है। कुछ बिंदुओं पर उच्चाधिकारी द्वारा आपत्ति होने पर कैंसिल किया गया है। उसे सुधार लिया गया है। जल्द टेंडर प्रकिया पूरी कर स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा - डॉ. पदमावती, एसीएमओ, नोडल आरबीएसके