बेटे की मौत के बाद मॉच्यूरी हॉउस के पास गुमशुम बैठे पिता शिवजी वर्मा। संवाद
गाजीपुर। सनबीम स्कूल के निदेशक नवीन सिंह का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद तीन दिन स्कूल बंद था। कुछ छात्र अपने बयान में बता रहे, आरोपी छात्र पानी की बोतल में छोटा चाकू छिपाकर बैग में रखकर आया था और वारदात को अंजाम दिया।स्कूल के निदेशक के मुताबिक स्कूल में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेटल डिटेक्टर मशीन और हैंडलर से भी जांच की जाती है। छात्रों की तलाशी भी ली जाती है। सीबीएसई के सभी मानकों का ध्यान दिया जाता है। तीन दिन बाद स्कूल खुला था और दोपहर में जांच कराने की तैयारी थी। किसी को भनक तक नहीं थी कि स्कूल में ऐसी वारदात हो सकती है। मृत छात्र, घायल और आरोपी छात्रों की गतिविधियां भी ऐसी नहीं थीं। आदित्य वर्मा पढ़ने में अच्छा था। निदेशक का दावा है कि छात्रों में किस बात को लेकर विवाद हुआ था, इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन के पास नहीं पहुंची थी। वे खुद ही घटना को लेकर हैरान हैं।
पिता बोले, स्कूल की लापरवाही से घटना, अब मामला दबा रहा-गाजीपुर। छात्र आदित्य वर्मा के पिता शिवजी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही से यह घटना हुई। उनका कहना था कि हम सुविधा और अच्छी शिक्षा के लिए ही बच्चे को वहां भेजा था, लेकिन उनकी लापरवाही से इतनी बड़ी वारदात हो गई। अब स्कूल प्रशासन मामले को दबाने में जुटा है।वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर अन्य अभिभावक भी गुस्से में हैं। कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर मोटी फीस लेने और सुविधा न देने का आरोप लगाया है। वारदात की जानकारी होते ही मेडिकल कॉलेज पहुंचे कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल के जिम्मेदार ठीक से बात तक नहीं करते हैं। वह स्कूल प्रशासन को भी घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे।