दहेंदु निवासी अर्जुन यादव ने बताया कि बेटा लालू यादव वर्ष 2014 में 16 असम राइफल्स रेडियो ऑपरेटर हवलदार के पद पर मणिपुर के सेनापति मरम में तैनात थे। उन्होंने बताया कि वह लगभग दो वर्ष से बीमार थे। वह गंभीर बीमारी ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। वह लगातार बीमार रहने लगे थे। उनका इलाज कोलकाता के कमांड हॉस्पिटल चल रहा था। कुछ दिन पूर्व उनकी तबियत गंभीर हो गई थी।
पिता अर्जुन यादव ने बताया कि बीते 26 सितंबर की रात करीब 10 बजे बहु कुमकुम यादव के मोबाइल पर फोन आया था कि लालू यादव का निधन हो गया। यह बताते हुए उनकी आंखें भर आईं।
घर पर ढांढस बंधाने पहुंचीं महिलाएं
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पार्थिव शरीर पहुंचते ही पत्नी कुमकुम यादव, मां मेवाती देवी और पिता अर्जुन यादव रोने- बिलखने लगे। बिलखना देखकर आसपास के लोग दरवाजे पर पहुंच गए। वहीं लालू यादव के 10 साल के बेटे ने अंतिम सलामी दी।
हवलदार को दी गई अंतिम विदाई
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चार भाईयों में लालू यादव दूसरे स्थान पर थे। बताया कि लालू यादव के दो बेटे 10 वर्ष के आदित्य यादव और छह वर्ष के आदर्श गांव में ही पढ़ाई करते हैं। परिजनों ने लालू यादव का अंतिम संस्कार गौसपुर गंगाघाट पर किया।