लखनऊ के डालीबाग स्थित आवास वापस मिलने के बाद बुधवार को गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने सरकार और प्रशासन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो बुलडोजर घर गिराने जाता था, आज वही मेरे घर जाने का रास्ता बनाने आया है। आवास की कुर्की और फिर उसे वापस पाने के लिए चली करीब चार साल की कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के बाद उन्हें राहत मिली।
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डालीबाग स्थित आवास पर पहुंचे अफजाल अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
डालीबाग स्थित करीब 6700 वर्गफीट के भूखंड पर बना आवास सांसद की पत्नी फरहत अंसारी के नाम है। इसे गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कार्रवाई में प्रशासन ने कुर्क कर सील कर दिया था। इसके बाद संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी लखनऊ नगर आयुक्त को सौंपी गई थी।
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डालीबाग स्थित आवास पर पहुंचे अफजाल अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
अफजाल अंसारी के अनुसार, उनके खिलाफ 2007 में मोहम्मदाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। 2010 में मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके बाद इसी कार्रवाई के आधार पर डालीबाग स्थित आवास को भी कुर्क किया गया।
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बेटियों के साथ डालीबाग स्थित आवास पर पहुंचे अफजाल अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली राहत
संपत्ति की कुर्की होने पर अंसारी परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई चली। अफजाल अंसारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में हुई सजा के आदेश को निलंबित कर दिया और हाईकोर्ट को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद 29 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अफजाल अंसारी ने कहा कि इसके बाद प्रशासन को उनका आवास वापस करना पड़ा।
बेटियों के साथ डालीबाग स्थित आवास पर पहुंचे अफजाल अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
अंसारी ने लगाया कोठी में चोरी का आरोप
कोठी का गेट खोलकर जब लोग अंदर गए तो सामान बिखरा हुआ था। इस पर अफजाल अंसारी ने चोरी होने का आरोप लगा दिया। हालांकि, कोठी का कब्जा देने वाले नगर निगम के नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मौके पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया गया। कब्जा देते समय कोई ताला टूटा भी नहीं था।