गाजीपुर। जनपद के सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी भवन सोलर सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमगाएंगे। नेडा विभाग की ओर से सरकारी और अर्द्धसरकारी भवनों की छत पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इसके लिए संबंधित सरकारी विभागों को कोई भुगतान नहीं करना होगा। केवल खुद की छत 25 वर्षों के लिए देनी होगी। इसका बकायदा अनुबंध होगा। इसे लेकर यूपी नेडा के निदेशक अनुपम शुक्ला की ओर से डीएम आर्यका अखौरी को पत्र भेजा गया है।
पत्र में जिक्र किया गया है कि सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी भवनों की छत पर सोलर रूफ टॉफ संयंत्र स्थापित करने का शासनादेश है। शर्त यह है कि संबंधित सरकारी बिल्डिंग का न्यूनतम बिजली लोड 25 किलोवॉट और अधिकतम 2000 किलोवॉट लोड होना जरूरी है। सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली का उपभोग संबंधित सरकारी विभाग करेंगे। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में संग्रहित हो जाएगी। इसका भुगतान बिजली निगम की ओर से किया जाएगा। सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना के लिए संबंधित विभागों को प्रस्ताव बनाकर नेडा विभाग को देना होगा। वहीं जिले में सरकारी और अर्द्धसरकारी भवनों की संख्या लगभग दो हजार है। इनमें विद्यालयों समेत आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र मुख्य रूप से शामिल हैं। इस संबंध में नेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि सरकारी और अर्द्धसरकारी भवनों की छत पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाने की योजना है। इसके लिए जल्द ही सर्वे का कार्य शुरू होगा।
भुगतान का नियम
गाजीपुर। उप्र सौर ऊर्जा नीति - 2022 के तहत 25 किलोवॉट से 200 किलोवॉट तक 4.90 प्रति यूनिट की दर से बिजली निगम भुगतान करेगा। साथ ही 200 से 2000 किलोवॉट बिजली उत्पादित होने पर 4.85 की दर से प्रति यूनिट भुगतान की व्यवस्था रखी गई है।
जल्द शुरू होगा सर्वे
गाजीपुर। सरकारी और अर्द्धसरकारी भवनों की छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने को लेकर जल्द ही नेडा विभाग सर्वे भी करेगा। इसके लिए ऐसे सरकारी विभागों का लिस्ट बिजली निगम से निकलवाया जाएगा, जिनकी बिजली लोड क्षमता न्यूनतम 25 किलोवॉट है।