गाजीपुर। नगर की सड़कों की दशा दयनीय होती जा रही है। कई जगहों पर सड़कें धंस गईं हैं। कहीं बड़े-बड़े गड्ढ हो गए हैं। इन जर्जर सड़कों से आवागमन करने वाले लोग सशंकित और डरे रहते हैं कि कहीं वाहन गड्ढ़ों में फंस न जाए। राह चलते सड़क धंस न जाए। जबकि इन सड़कों से रोज उच्चाधिकारी गुजरते हैं, लेकिन समस्या के प्रति उदासीन बने हैं।
सीवरेज पाइप लाइन बिछने के बाद बनी सड़क जगह-जगह खोखली होकर अंदर ही अंदर सुरंग में तब्दील होती जा रही है। लिंक मार्ग की कौन कहे, अब तो प्रमुख मार्ग भी धंसने लगे हैं। यहीं नहीं कहीं-कहीं सीवर के चेंबर से पानी भी निकल रहा है। कई मार्गों पर आठ से दस फीट गड्ढे बन गए हैं। जो दुर्घटनाओं को दावते दे रहे हैं। बावजूद जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं, सिर्फ जल्द दुरुस्त व मरम्मत का दावा कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। संबंधित विभाग और अधिकारी ऐसे ही उदासीन बने रहे तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
गड्ढे में पहिया सहित धंस गई ईंट लदी ट्रैक्टर- ट्राली
पुलिस अधीक्षक आवास से रीवर बैंक कॉलोनी जाने वाली सड़क पर प्रतिदिन जिले उच्चाधिकारियों का आवागमन बना रहता है। वजह रीवर बैंक कॉलोनी में अधिकारियों का आवास है, बावजूद उनकी नजर सड़क पर नहीं जा रही है। स्थिति यह है कि मार्ग धीरे- धीरे खोखली होकर सुरंग में तब्दील होती जा रही है। शनिवार की सुबह नौ बजे गड्ढे में ईंट लदी ट्रैक्टर- ट्राली धंस गई। कड़ी मशक्कत के बाद उसे निकाला गया।
डीएम आवास के पास धंसी सड़क
डीएम आवास होते हुए पीरनगर को जाने वाली प्रमुख सड़क की स्थिति तो काफी खराब है। आवास से कुछ दूरी ही बीचोबीच सड़क खोखली होकर धंस गई है। करीब आठ से दस फीट का गड्ढा बन गया है। इसकी चौड़ाई बढ़ती जा रही है। गिट्टी डालकर दुरुस्त करना तो दूर हरे पेड़ की टहनी डालकर छोड़ दिया गया। सबसे अधिक हादसे की संभावना रात में बढ़ जाती है। अंधेरे में वाहन के धंसकर हादसे का शिकार होने का संभावना बढ़ गई है।
वाराणसी- गाजीपुर प्रमुख मार्ग चुंगी के पास धंसी
वाराणसी- गाजीपुर प्रमुख मार्ग जो सैनिक चौराहे से चुंगी और लंका होते हुए विशेश्वरगंज और रौजा तक जाती है। इसकी भी हालत खराब है। चुंगी के पास सड़क ऐसी धंसी है कि थोड़ी भी लापरवाही वाहन चालकों के लिए जानलेवा हो सकती है। पटरी पर लगी ईंट भी गड्ढे में चली गईं हैं। मार्ग को जैसे- तैसे घेरा दिया गया है, जबकि इस मार्ग से रात के नौ बजे से ट्रकों का ऐसा आवागमन शुरू होता है कि घंटों जाम की स्थिति रहती है।
सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कों का निर्माण करा दिया गया। जिन जगहों पर सड़कें धंस गईं हैं, उन्हें दुरुस्त करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया है। - पीयूष मौर्या, एक्सईएन जल निगम