Ghazipur Triple Murder
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुसुम्हीं कला (खिलवां) गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुंशी यादव, बड़ा पुत्र रामाशीष और छोटा पुत्र भी गया था। वहां से तीनों रात करीब 11 बजे वापस चले आए। इसके बाद मां देवंती देवी व पिता मुंशी बिंद घर के बाहर सो रहे थे। जबकि बड़ा पुत्र रामाशीष घर के अंदर सोने चला गया।
इधर, मौका देख छोटा पुत्र घर से निकल गया। रात करीब 12 बजे उसने घटना को अंजाम दिया। इसके बाद वह स्वंय जाकर गांव में बज रहे डीजे को बंद कराया और घटना की जानकारी लोगों को दी थी। पुलिस ने चोचकपुर श्मशान घाट से जब किशोर को उठाया तो पूछताछ में वह टूट गया और हत्या की वारदात को उसने कैसे अंजाम दिया था, सारी कहानी को बयां कर डाला।
Ghazipur triple murder
- फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि तिहरे हत्याकांड की पुलिस ने जब गहनता से जांच शुरू की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कड़ी जोड़ी गई तो पता चला कि जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया गया है, उसकी भूमिका कहीं नहीं मिल रही थी।
Ghazipur triple murder
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के छोटे बेटे के प्रेम-प्रसंग के मामले में गहनता से छानबीन की गई तो स्थिति स्पष्ट हुई। तीनों शवों के दाह संस्कार के बाद जब मृतक के छोटे पुत्र से पूछताछ की गई तो बताया कि उसने ही पिता, माता और भाई का हत्या की है।