गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र में कासिमाबाद-मऊ रोड स्थित टोडार तिराहे के पास सोमवार की रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें शातिर अपराधी बादल यादव गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे और उसके साथी दिव्यांशु उर्फ जिलाजीत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से एक तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किया है।
पुलिस के हत्थे कैसे चढ़े बदमाश
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में नामजद अभियुक्त दिव्यांशु उर्फ जिलाजीत निवासी राजापुर कला और बादल यादव निवासी साद्दोपुर को कासिमाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बादल यादव की निशानदेही पर पुलिस टीम कासिमाबाद-मऊ रोड स्थित टोडार तिराहे के पास पहुंची। इसी दौरान बादल पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला और घास-सरपत में छिपाकर रखा तमंचा निकालकर फायर झोंक दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें बादल के पैर में गोली लग गई। घायल हालत में उसे सीएचसी कासिमाबाद भेजा गया। बताया कि कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक नंदकुमार तिवारी और उनकी टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक डॉ.ईरज राजा ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
पूर्व घटना से जुड़ा मामला
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि 28 सितंबर को शाहबाजपुर निवासी प्रदीप यादव ने थाना कासिमाबाद में तहरीर दी थी कि उसकी जेसीबी मशीन चलवाने को लेकर दिव्यांशु और उसके साथियों ने उससे रंगदारी में 28 हजार रुपये वसूले। इसके बाद लगातार फोन कर एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। 27 सितंबर की रात प्रदीप यादव को बदमाशों ने रास्ते में घेरकर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
इसे भी पढ़ें; तस्वीरें: काशी में गरजा पीडब्ल्यूडी का बुलडोजर, पद्मश्री ओलंपियन मो. शाहिद सहित 13 के मकानों पर तोड़फोड़
अपराधिक इतिहास
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि गिरफ्तार दिव्यांशु और घायल बादल दोनों के खिलाफ गाजीपुर, बलिया और मऊ जिलों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, रंगदारी, लूट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।