मुख्य द्वार पर बंद ताले को तोड़वाया और फिर एक-एक कमरे और परिसर को खंगालने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले सर्च अभियान की वीडियोग्राफी की गई। अभियान शुरू करने से पूर्व पुलिस एवं जांच टीम के अन्य सदस्यों ने आवास को चारों तरफ से घेर लिया था।
जांच अभियान समाप्त होने के बाद जांच टीम के डिप्टी एसपी विजय मल्ल यादव ने पूरी जांच प्रक्रिया की रिपोर्ट की एक प्रति प्रबंधक ओपी राय को भी उपलब्ध कराई। इसके बाद वे पुन: वाराणसी के लिए रवाना हो गए। इधर प्रबंधक ने मिली रिपोर्ट की एक प्रति से रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार एवं विभागीय अधिकारियों के पास भेज दिया है।
महाप्रबंधक के करीबियों पर भी एसीबी पैनी नजर गड़ाए हुए है। भ्रष्टाचार की जड़ कहां तक गई है। इसको लेकर टीम विभिन्न प्रांतों में सर्च अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इस भ्रष्टाचार में महाप्रबंधक के साथ शामिल लोगों को दबोचने के लिए टीम गिरफ्तार महाप्रबंधक को लेकर जल्द ही जिले में धमकने वाली है।
अफीम फैक्टरी गाजीपुर के प्रबंधक ओपी राय ने कहा कि डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सर्च अभियान के बाद रिपोर्ट की एक प्रति की रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी है। महाप्रबंधक को रिश्वत के साथ पकड़े जाने के 24 घंटे बाद निलंबित कर दिया गया था। सर्च अभियान में टीम को कुछ नहीं मिला। जिले में एसीबी की टीम के आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।