गाजीपुर। जिले में पिछले एक हफ्ते से गंगा और सहायक नदियों के जल में बराबर बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे कटरी क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खेतों में पानी भरने के साथ फसलें नष्ट होने से किसान परेशान हैं। करीमुद्दीनपुर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बढ़ रही टोंस नदी के कारण किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब चुकी है। यही हाल सैदपुर इलाके में गोमती और गांगी नदी के बढ़ने से नदी के तटवर्ती इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदियों का पानी खेतों के रास्ते आबादी तक पहुंचने वाला है। किसान सहित नदी तट पर बसे लोग बाढ़ के कारण चिंतित नजर आ रहे हैं।
देखा जाए तो तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर सैदपुर में खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। गंगा का जलस्तर बढ़ाने के कारण अन्य सहायक नदियों में भी पानी भरने लगा है। ऐसे में संभावित बाढ़ से निबटने के लिए जिला प्रशासन भी तैयारी में जुट गया है। जिला मुख्यालय समेत सातों तहसील में एक-एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। बाढ़ से निबटने के लिए जिले में 92 बाढ़ चौकियां भी स्थापति की गई हैं। गंगा का जलस्तर चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार अगर यही रही तो शीघ्र ही गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएंगी। जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में भय का माहौल व्याप्त है।
पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला पिछले पांच दिनों से जारी है। इसके चलते इससे जुड़ी अन्य नदियों का पानी भी फैलता जा रहा है। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। उन्होंने पशुओं का चारा एकत्र करना शुरू कर दिया है। कुछ तो पशुओं के साथ खुद भी पलायन की तैयारी कर रहे हैं। केंद्रीय जल कार्यालय ने बताया कि गंगा का जलस्तर पहले छह सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था, जो अब घट कर चार सेमी पर आ गया है। फिर भी अगर यही रफ्तार रही तो शीघ्र ही गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएंगी। रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, हसनपुरा, बीरऊपुर, नगदिलपुर में गंगा का पानी सबसे पहले फैलता है। इसके साथ जमानिया, मुहम्मदाबाद, सेवराई तथा सदर तहसील के सैकड़ों गांव डूब क्षेत्र में आने की वजह से यहां हालात बेकाबू हो सकता है।