गाजीपुर। बलिया से चलकर ‘‘गंगा यात्रा’’ सोमवार की देर शाम लंका मैदान पहुंची। लंका मैदान में एक जनसभा का आयोजन किया गया था। वहां हजारों के जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दूसरों को जीवन देने वाली गंगा मईया आज अपने जीवन को तरस रही हैं। दूसरे भागीरथ के रूप में मोदी जी ने इन्हें अविरल और स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया है। सरकार की मंशा गंगा को अविरल और निर्मल बनाना है। नमामि गंगा योजना से गंगा को स्वच्छ बनाने में काफी मदद मिलेगी। केंद्र और प्रदेश के कई मंत्री सोमवार को गाजीपुर से जाने वाली ‘गंगा यात्रा’ में शामिल थे। मंच से नेतागण ने प्रधानमंत्री के कार्यो की सराहना की।
कहा कि इस यात्रा से 1038 ग्राम पंचायतें और 21 नगर निकायों के कायाकल्प होंगे। उधर जनसभा के बाद जय-जय भगीरथ नंदनी से गंगा आरती की गई। इसके लिए वाराणसी से पांच पंडितों को बुलाया गया था।इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि मोदी जी केवल योजनाएं नहीं बनाते, उसे सफल करके दिखाते हैं। यह उनकी सोच और क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि आज गंगा का जल आचमन के योग्य है। कहा कि गंगा यात्रा का यह प्रथम पड़ाव है। जहां पर लहुरी काशी के लोगों ने अभूतपूर्व स्वागत किया है। गंगा सिर्फ जल ही नहीं, जीवन भी देती हैं। गंगा को समस्या नहीं अब समाधान के रूप में प्रस्तुत करना है। इससे पहले राजीव गांधी ने भी गंगा सफाई की योजना बनाई, लेकिन उन्होंने खुद कहा कि एक रुपये जब दिल्ली से भेजते हैं, तो नीचे पंद्रह पैसा ही पहुंचता है। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री एक रुपये भेजते हैं, तो वह नीचे एक रुपये ही पहुंचता है। इतना फर्क है पहले और आज की सरकार में। आज गंगा यात्रा जिस उद्देश्य से निकाली गई है, इसका सीधा अर्थ गंगा की सफाई और निर्मल बनाना है।
कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि जिस प्रकार से भागीरथ ने पृथ्वी पर गंगा को लोककल्याण के लिए अवतरित किया था, लेकिन आज वह पूरी तरह प्रदूषित हो गई हैं। लोग मल-मूत्र और नाले का गंदा पानी तक नदी में बेरोकटोक बहा रहे हैं। नदी किनारे गंदगी फैलाई जा रही है। जल वर्तमान में पूरी तरह दूषित हो गया हैं। जबकि गंगा जल को अमृत के समान मना जाता था। गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रयास काबिले तारीफ है।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पूर्व सरकारों ने गंगा सफाई की योजना जरूर बनाई थी, लेकिन इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। हमारी ही सरकार में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए पहल शुरू किया गया है। गंगा को अविरल और निर्मल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच अब धीरे-धीरे आकार ले रही है।
इस मौके पर प्रदेश गंगा यात्रा निदेशक तथा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, सरकार के मंत्री अनिल राजभर, गिरीशचंद्र यादव, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, प्रभुनाथ चौहान, जितेंद्र पांडेय, विधायक डा. संगीता बलवंत, सुनीता सिंह, चेयरमैन सरिता अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल, कृष्णबिहारी राय, सुनील सिंह, श्यामराज तिवारी, रूद्रा पांडेय, शशिकांत शर्मा, विवेकानंद पांडेय। उधर प्रशासनिक अफसरों में पुलिस महानिदेशक विजय कुमार मीणा, सचिव लोनिवि समीर वर्मा, जिलाधिकारी ओम प्रकाश आर्य, पुलिस कप्तान डा. ओमप्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, डीआईएसओ ओम प्रकाश राय, एएसपी ग्रामीण चंद्र प्रकाश शुक्ला, एएसपी नगर प्रदीप दुबे समेत सभी एसडीएम और सीओ मौजूद रहे।