गाजीपुर। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान(रमसा) के तहत प्रदेश में संचालित राजकीय हाई स्कूलों के शिक्षकों को बजट के अभाव में पिछले पांच माह तक वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना और महामंत्री डाक्टर रवि भूषण ने सरकार को चेतावनी दी है। कहा है कि जनवरी माह के अंत तक वेतन का भुगतान नहीं कर दिया गया तो पूरे प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारी लखनऊ में छह फरवरी को शिक्षा निदेशालय माध्यमिक के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने लिए बाध्य होंगे।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ प्रवक्ता राम अवतार यादव ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिले मे भी रमसा के तहत कुल 16 राजकीय हाई स्कूल संचालित हो रहे है। इन स्कूलों में लगभग सौ से अधिक शिक्षक और कर्मचारी वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी के शिकार हो रहे है। जिले में कुल 12 राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हो रहे है, उनमें 11 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शामिल है।
इन इंटर कॉलेजों के वेतन का बजट नान प्लान व्यवस्था के तहत आवंटित होता है और हर महीने निश्चित समय पर वितरित हो जाता है। जबकि राजकीय हाई स्कूलों का बजट प्लान के तहत आवंटित होता है। बजट आवंटन का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। यह बजट कभी तीन या चार महीने बाद तो कभी छह महीने बाद सरकार द्वारा रिलीज किया जाता है।
इस अव्यवस्था के चलते ऐसे स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को छह महीने तक वेतन नहीं मिल पाता है। इस बार भी अभी तक छह माह से सरकार द्वारा बजट रिलीज नहीं किया गया है। जिले में शिक्षकों को अक्टूबर एवं नवंबर से वेतन नहीं मिला है। राजकीय शिक्षक संघ ने सरकार से राजकीय हाई स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नान प्लान के तहत वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग किया है। संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम नारायण सिंह यादव ने कहा कि इस माह के अंत तक वेतन न मिलने पर लखनऊ धरना-प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जाने के लिए तैयार रहे।