जिले में गंगा दशहरा पर बृहस्पतिवार को करीब 40 हजार श्रद्धालुओं ने मोक्ष की कामना के साथ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। विधि-विधान से लोगों ने पतित पावनी का पूजन-अर्चन कर आरती उतारी।
इस दौरान घाटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगे के उद्घोष गूंजते रहे। भोर से ही शहर के ददरीघाट, नवापुरा, कलेक्टर घाट, चीतनाथ घाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था। यह सिलसिला करीब सुबह दस बजे तक बना रहा।
गंगा दशहरा पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उप जिलाधिकारी मनोज पाठक ने कई घाटों का निरीक्षण किया। जमानिया के बलुआ घाट, करपूरा घाट, मुनान घाट, साधु घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
पंडित उद्धव पांडेय ने बताया कि गंगा दशहरा ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दस प्रकार के दान का विशेष महत्व है। पितरों के तर्पण से उनकी आत्मा को शांति और परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सैदपुर के पक्का घाट, बूढ़ेनाथ महादेव, संगत घाट, रामघाट एवं रंगमहल घाट पर स्नानार्थियों का भोर से ही आना शुरु हो गया था। औड़िहार के वाराहघाट पर गंगा दशहरा पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गहमर के नरवाघाट, सोमवार घाट, पंचमुखी आदि घाटों पर जीवनदायिनी मां गंगा में लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई। मां गंगा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।