खानपुर। थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरवन यादव (110) का बुधवार की रात निधन हो गया। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और चार दिन पूर्व से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।
देश को आजाद कराने में अंग्रेजों द्वारा उन्हें 18 माह के कैद की सजा मिली थी। 1942 के आंदोलन में सरवन यादव और उनके साथी सेनानी स्व. पत्र यादव ने औड़िहार-वाराणसी रेल मार्ग उखाड़ फेंका था। मालगाड़ी से लूटपाट की थी। इसी जुर्म में अंग्रेज हुक्मरानों ने कैद की सजा सुनाई थी। गमछा में चना लेकर खाने और गंगा नदी किनारे पेड़ों पर समय काटने वाले आजादी के मतवाले सरवन अपने जीवित रहते राजनीति में भ्रष्टाचार से बहुत ही दु:खी थे। अपने पीछे दो पुत्र और छह पुत्री और पत्नी कुनाई देवी के साथ भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। निधन की जानकारी मिलते ही उनके आवास पर तहसीलदार सैदपुर दिनेश कुमार, सीओ सैदपुर राजीव द्विवेदी सहित प्रशासनिक अफसर पहुंचे और उन्हें सलामी दी।