गहमर स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर चल रहे अनशन के चौथे दिन मंगलवार को एसडीएम ने जूस पिलाकर अनशनकारियों का अनशन तोड़वाया। इससे पहले आचार संहिता और कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन में 40 आंदोलनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इनमें चार अनशनकारियों को हिरासत में लिया गया जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
गहमर में विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर संयुक्त संगठनों के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा था। बीते शनिवार से आंदोलनकारियों ने अपनी आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों के द्वारा मशाल जुलूस निकालने को लेकर हरकत में आई जिला प्रशासन ने देर रात पुलिस बल के साथ चार अनशनकारियों को हिरासत में ले लिया। जिलाधिकारी से हुई वार्ता के क्रम में तत्काल दो ट्रेनों के ठहराव कराने के लिए जिलाधिकारी द्वारा डीआरएम से वार्ता कर आश्वासन दिया गया। हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों को आदर्श आचार संहिता के तहत शांति भंग और कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के मामले में चालान किया गया। निजी मुचलके पर छुटे अनशनकारियों को एसडीएम ने जूस पिलाकर सभी अनशनकारियों का अनशन तोड़वाया।इस मौके पर अखंड प्रताप सिंह, दुर्गा चौरसिया, मारकंडेय सिंह, कुणाल सिंह, चंदन सिंह आदि मौजूद रहे।