भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के झोटना गांव में पूर्व सैन्यकर्मी देवानंद सिंह ने सोमवार की रात लाइसेंसी बंदूक सीने में गोली मारकर जान दे दी। मंगलवार की सुबह उनके घर दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम दरवाजा तोड़कर जब कमरे के अंदर पहुंची तो बेड पर पूर्व सैनिक खून से लथपथ पड़े थे। पास में एक नाली बंदूक व एक खोखा पड़ा था। कोतवाली प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर गई थी।
पूर्व सैनिक के मकान में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो बेड पर पूर्व सैनिक देवानंद सिंह (56) मृत अवस्था में खून से लथपथ पड़े थे। बेड पर ही एक नाली बंदूक और खोखा भी था। देवानंद घर में अकेले थे। उनकी पत्नी शशिकला सिंह आजमगढ़ स्थित मायके में रहती थी।
एक माह पहले झोटना गांव आई थी। बेटे-बहू मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि देवानंद सिंह सोमवार की शाम दरवाजा बंद कर कमरे में सोने चले गए थे। दूसरे दिन सुबह तक दरवाजा जब नहीं खुला तो लोगों ने उन्हें आवाज दी लेकिन उनके कमरे का दरवाजा खुला। भुड़कुड़ा कोतवाल डीपी सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ने मामले की तहरीर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके बेटे जानू सिंह को सूचना दे दी गई है। बेटे ने बताया कि देवानंद सिंह थल सेना में कार्यरत थे। 20 साल पहले रिटायर्ड हुए थे। संवाद