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गाजीपुर: अधिकारी ने जुर्माने स्वरूप परिषदीय स्कूल के बच्चों को कराया भोजन, राज्य सूचना आयुक्त लगाया था ये जुर्माना

Fri, 29 Apr 2022 11:39 PM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर

सार

वर्ष 2016 के एक मामले में राज्य सूचना आयुक्त एके उप्रेती ने सूचना देने में देरी किए जाने पर मरदह ब्लाक के एक जनसूचना अधिकारी पर ढाई सौ बच्चों या प्राथमिक विद्यालय में मौजूद सभी बच्चों को 29 अप्रैल को भोजन कराने का जुर्माना लगाया था।
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बच्चों को कराया भोजन (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वर्ष 2016 के एक मामले में राज्य सूचना आयुक्त एके उप्रेती ने सूचना देने में देरी किए जाने पर गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के एक जनसूचना अधिकारी पर ढाई सौ बच्चों या प्राथमिक विद्यालय में मौजूद सभी बच्चों को 29 अप्रैल को भोजन कराने का जुर्माना लगाया था। इसका अनुपालन जन सूचना अधिकारी विकासखंड मरदह ने शुक्रवार को किया।

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उन्होंने कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय में मौजूद सभी बच्चों को अपने खर्च से मध्यान्ह भोजन और फल भी खिलाया। मामला मरदह क्षेत्र के नोनरा ग्राम सभा का है। इसमें राज्य सूचना आयोग ने स्थानीय कोटेदार भूपेंद्र कुमार पांडेय की आरटीआई अर्जी पर सुनवाई की और यह मानते हुए आदेश किया कि वर्तमान जन सूचना अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ग्राम्य विकास अधिकारी-सेक्रेटरी ने जानकारी देने में जान बूझकर देर नहीं की है।

अपरिहार्य कारणों से देरी हुई है। इसलिए कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय नोनरा के दो सौ पचास बच्चों को मिड-डे-मील में भोजन कराकर उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग आयोग को भेजी जाए। इस मामले में जन सूचना अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि 2016 में नोनरा ग्राम सभा के भूपेंद्र कुमार पांडेय जो स्थानीय कोटेदार भी हैं उन्होंने ग्राम विकास में सरकारी धन के सापेक्ष कार्यों के संदर्भ में आठ बिंदुओं की सूचना मांगी थी।

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इसे तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी-जनसूचना अधिकारी ने किन्हीं कारणवश उपलब्ध नहीं कराया और यह मामला चलता रहा। उनके ट्रांसफर के बाद मैं जनवरी 2021 में जब आया तो कुछ महीने बाद मुझे भी इस मामले की जानकारी हुई। हमने आठ बिंदुवार सूचनाएं दे दी। गत 25 अप्रैल को राज्य सूचना आयुक्त के यहां हम और सूचना मांगने वाले भूपेंद्र कुमार पांडेय उपस्थित हुए। आयुक्त ने सूचना देने में देरी होने के कारण नोनरा कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय के सभी छात्रों को भोजन करवाने का निर्देश दिया जिसका अनुपालन किया।

 उधर सूचना मांगने वाले भूपेंद्र कुमार पांडेय का कहना था कि उन्होंने जिनसे सूचना मांगी थी वह अधिकारी पांच वर्ष दौड़ाते रहे। मैंने इसकी शिकायत आयोग में की। जनवरी 2021 में जब दूसरे अधिकारी आए तो उन्होंने सूचनाएं दी और जुर्माना भी इन्हीं पर लगा, लेकिन जिसने लापरवाही की उसको कोई दंड या जुर्माना नहीं लगा वजह उनका दूसरे विकासखंड में ट्रांसफर हो गया जबकि ये जुर्माना उन पर लगना चाहिए था।
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नोनरा प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शुक्रवार को जन सूचनाधिकारी की तरफ से भोजन कराकर वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। यह राज्य सूचना आयुक्त को भेजी जाएगी। इस मौके पर प्रधानाध्यापक अजय विक्रम सिंह, रामदरश राम, अरविंद कुमार सिंह, गरिमा सिंह,  पुष्पा यादव, एकता यादव, श्वेता सिंह, सोनू सिंह, प्रधानपति मुन्ना चौहान, बब्बन सिंह, समिन्द्र राम, शीला देवी आदि मौजूद थे।
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