इसे तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी-जनसूचना अधिकारी ने किन्हीं कारणवश उपलब्ध नहीं कराया और यह मामला चलता रहा। उनके ट्रांसफर के बाद मैं जनवरी 2021 में जब आया तो कुछ महीने बाद मुझे भी इस मामले की जानकारी हुई। हमने आठ बिंदुवार सूचनाएं दे दी। गत 25 अप्रैल को राज्य सूचना आयुक्त के यहां हम और सूचना मांगने वाले भूपेंद्र कुमार पांडेय उपस्थित हुए। आयुक्त ने सूचना देने में देरी होने के कारण नोनरा कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय के सभी छात्रों को भोजन करवाने का निर्देश दिया जिसका अनुपालन किया।
उधर सूचना मांगने वाले भूपेंद्र कुमार पांडेय का कहना था कि उन्होंने जिनसे सूचना मांगी थी वह अधिकारी पांच वर्ष दौड़ाते रहे। मैंने इसकी शिकायत आयोग में की। जनवरी 2021 में जब दूसरे अधिकारी आए तो उन्होंने सूचनाएं दी और जुर्माना भी इन्हीं पर लगा, लेकिन जिसने लापरवाही की उसको कोई दंड या जुर्माना नहीं लगा वजह उनका दूसरे विकासखंड में ट्रांसफर हो गया जबकि ये जुर्माना उन पर लगना चाहिए था।
नोनरा प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शुक्रवार को जन सूचनाधिकारी की तरफ से भोजन कराकर वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। यह राज्य सूचना आयुक्त को भेजी जाएगी। इस मौके पर प्रधानाध्यापक अजय विक्रम सिंह, रामदरश राम, अरविंद कुमार सिंह, गरिमा सिंह, पुष्पा यादव, एकता यादव, श्वेता सिंह, सोनू सिंह, प्रधानपति मुन्ना चौहान, बब्बन सिंह, समिन्द्र राम, शीला देवी आदि मौजूद थे।