बिना फ्लोटिंग बैरियर और चेतावनी बोर्ड का बूढ़े नाथ महादेव घाट। संवाद
गाजीपुर। मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गौसपुर में 17 अगस्त को गंगा में डूबने से दो युवकों की मौत के बाद जिम्मेदार हरकत में नहीं आए हैं। डेढ़ महीने पहले ही जिला प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए थे कि शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों व तालाबों के पास नोटिस बोर्ड लगाने के साथ ही वाटर फ्लोटिंग बैरियर लगाया जाए।
अगर जिला प्रशासन के निर्देश पर अमल किया जाता तो शायद दो युवकों की डूबने से मौत नहीं होती। सवाल यह है कि जिम्मेदारों को आखिर कितने हादसों का अभी भी इंतजार है।
जनपद में करीब 51 गंगा घाट हैं। अमृत सरोवरों की संख्या 312 है। तालाब 719 हैं। शहर में करीब 15 गंगा घाट हैं। शहर के पांच गंगा घाट चीतनाथ, पोस्ताघाट, कलक्टरघाट, ददरीघाट, नवापुरा को छोड़कर किसी भी गंगा घाट के पास नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है। साथ ही वाटर फ्लोटिंग बैरियर भी नहीं लगाया गया है।
बिना फ्लोटिंग बैरियर और चेतावनी बोर्ड का बूढ़े नाथ महादेव घाट। संवाद
बिना फ्लोटिंग बैरियर और चेतावनी बोर्ड का बूढ़े नाथ महादेव घाट। संवाद