गाजीपुर। उर्वरकों की कालाबाजारी और बिक्री में अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों के खिलाफ कृषि विभाग अभियान चलाएगा। जांच में कालाबाजारी और बिक्री में अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
कृषि विभाग की ओर से निर्णय किया गया है कि इसी महीने में अभियान जल्द ही शुरू किया जाएगा। अभी इसकी तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
जिले में लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं की संख्या 750 है। अभियान के दौरान उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस की जांच भी की जाएगी। वहीं जिले में लगभग साढ़े पांच लाख किसान हैं। किसान अपनी खेती-किसानी के लिए विभिन्न प्रकार के उर्वरक दुकानों से खरीदते हैं। कई बार दुकानदार उर्वरक बिक्री करने में अनियमितता का परिचय देते हैं। साथ ही उर्वरक की कमी होने पर कालाबाजारी भी करते हैं। इसके कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग अभी से अलर्ट हो गया है।
वर्तमान में खेती-किसानी का मौसम चल रहा है। इसके कारण किसान उर्वरकों की भी खरीदारी कर रहे हैं। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। जांच में उर्वरकों की कालाबाजारी करते हुए पकड़े जाने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
स्टॉक में पर्याप्त है उर्वरक
गाजीपुर। कृषि विभाग के गोदाम में उर्वरक पर्याप्त है। वर्तमान में डीएपी का स्टॉक 2578 मीट्रिक टन, यूरिया 8350, पोटाश 350 और नाइट्रोजन 1361 मीट्रिक टन है। जून का महीना शुरू होने से ही विभाग उर्वरकों की लगातार आपूर्ति कर रहा है। अभी स्टॉक में और उर्वरकों को मंगाया जाएगा।