किसानों के अनुसार, वर्तमान में एक हजार बोरी डीएपी खाद की मांग थी, लेकिन गोदाम पर मात्र 390 बोरी ही पहुंची, जो जरूरत के मुकाबले बेहद कम है। सीमित मात्रा के कारण प्रति किसान सिर्फ एक-दो बोरी ही दी जा रही थी, जिससे नाराजगी बढ़ गई। कई जगहों पर महिलाओं और बहुरियों को भी घूंघट में लाइन में लगकर खाद का इंतजार करते देखा गया।
किसानों का कहना है कि यह क्षेत्र पूरी तरह कृषि प्रधान है, फिर भी प्रशासन किसानों की जरूरतों के प्रति उदासीन है। उन्होंने मांग की कि डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति शीघ्र की जाए ताकि समय पर फसलों में छिड़काव किया जा सके।
इस संबंध में जिलाकृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जो खाद उपलब्ध थी, उसे किसानों में वितरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक पर्याप्त मात्रा में खाद का आवंटन गोदाम पर कर दिया जाएगा। साथ ही किसानों से अपील की कि खाद लेते समय अपना आधार कार्ड और खतौनी अवश्य साथ लाएं, ताकि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।