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मुआवजे से असंतुष्ट किसान कोर्ट जाने की तैयारी में

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ताड़ीघाट-मऊ नई रेल लाइन के लिए सुहवल थाना क्षेत्र के मेदनीपुर में अधिगृहित भूमि का उचित मुआवाजा नहीं मिलने से किसान बेहद नाराज हैं। जिलाधिकारी न्यायालय में दाखिल किए गए आर्बिटेशन के निस्तारण से भी असंतुष्ट हैं। नाराज किसानों ने सोमवार को निमार्ण कार्य को भी रोक दिया था। इस पर प्रशासन ने तीन किसानों को हिरासत में लेकर कुछ घंटे थाने में रखा जिनको देर रात 151 में चालान करते हुए एक लाख के निजी मुचलके पर छोड़ दिया। इससे किसान और भी नाराज हो गए हैं और आर-पार की लड़ाई के मुड में आ गए हैं। उनका कहना है कि उनकी मांगे जायज है और अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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ताड़ीघाट-मऊ रेल लाइन का कार्य 1766 करोड़ की लागत से दो चरणों में होना है। पहले चरण में सोनवल से गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन तक कार्य किया जा रहा है। इसमें सोनवल में एक भव्य स्टेशन व गंगा में रेल सह रोड़ ब्रिज का कार्य हो रहा है। दूसरे चरण में गाजीपुर सिटी से मऊ तक का कार्य होना है। प्रथम चरण की परियोजना में सदर व जमानियां तहसील के कुल 17 गांव शामिल है। इन गांवों के कुल 2783 किसान परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। इसके लिए कुल 35.5310 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। बहुत से किसानों में मुआवजे व सर्किल रट को लेकर असंतोष था। जिसको लेकर किसान जिलाधिकारी न्यायालय में आर्बिटेशन दाखिल किया था। सभी आर्बिटेशन का जिलाधिकारी ने निस्तारण कर दिया, लेकिन मेदनीपुर के चार किसान अभी भी इससे असंतुष्ट हैं।
मेदनीपुर के किसान रमेश सिंह का कहना है कि हमारी जमीन के आगे-पीछे अन्य जमीनों का अलग रेट है। जिस जमीन को लेकर मामला है वह करीब 21 मंडा है। जो बीचो-बीच है। फिर भी रेट आधे से भी कम निर्धारित किया गया, जो सरासर गलत है। यह हम लोगों के साथ भेद-भाव है। जिलाधिकारी एक बार मौके पर आएं और देखें कि हमारी मांग कितनी जायज है। कहा कि जिलाधिकारी को पुनर्विचार के लिए पत्र सौंपा है। अगर वो खारिज होता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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