जिले में 54 दिनों में 33 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य हुआ है। अब भी बड़ी संख्या में किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नहीं हो पाया है। हालांकि शासन की ओर से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पहले 31 जनवरी तक अंतिम तिथि थी, जिसे बढ़ाकर अब 28 फरवरी कर दिया गया है।
जनपद में कृषि विभाग को 5 लाख 71 हजार 338 फार्मर रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य मिला है। बीते 31 जनवरी तक 1 लाख 88 हजार 645 फार्मर रजिस्ट्री हुई है। ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने के लिए 28 दिनों में लगभग 4 लाख फार्मर रजिस्ट्री कराना कृषि विभाग के लिए एक चुनौती है। फार्मर रजिस्ट्री को लेकर अब तक कम हुई प्रगति को लेकर विभाग की दलील है कि सर्वर का डाउन होना व दस्तावेजों में गड़बड़ी होना मुख्य कारण है। यदि ऐसा नहीं होता, तो फार्मर रजिस्ट्री के आंकड़े कुछ और होते। दअरसल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में विभाग की कोशिश है कि अधिक से अधिक संख्या में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य हो, जिससे अधिक संख्या में किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक खुद के मोबाइल या जनसेवा केंद्र से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके तहत संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाला गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, ई-केवाईसी आदि का विवरण दर्ज किया जा रहा है। एक तरह से किसानों का ऑनलाइन डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिलने के साथ ही कम ब्याज दर पर बैंक से लोन मिल सकता है। साथ ही व्यवस्था में पारदर्शिता आने से जमीन संबंधित विवादों में भी कमी आएगी।