वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। बजट में वित्तमंत्री ने किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई अहम एलान किए। वित्त मंत्री ने अपने पिटारे से बिहार के लिए कई अहम योजनाओं का एलान किया है। बिहार में मखाना बोर्ड बनाने का भी एलान किया गया है। मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगाने का एलान किया है। इसका लाभ जनपद के लोगों को खूब मिलेगा। ऐसे में बिहार से सटे इस जनपद के 42 हजार आयकर दाताओं के भी चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
जनपद में 42 हजार से अधिक लोग आयकर दाता हैं। इन्हें सरकार की घोषणा से राहत होगा। जिले के 23 हजार 500 पेंशनरों में से 6500 आयकरदाता हैं। उन्हें भी इसका फायदा मिलने जा रहा है। सरकार ने जनपद में भी डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसका लाभ यहां के भी बड़ी संख्या में पीड़ितों को होगा। क्योंकि यहां से कैंसर से पीड़ित मरीज रूटीन चेकअप तक के लिए वाराणसी, टाटा, लखनऊ और दिल्ली की दौड़ लगाने से बच सकेंगे। साथ ही उन्हें जरूरी दवाएं भी सस्ती दर पर मिल सकेंगी। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख कर दी है। इसका लाभ भी जनपद के 5.71 लाख किसानों को आसानी से मिल सकेगा। वजह मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो जिले में करीब तीन लाख ऐसे किसान हैं, जिन्होंने क्रेडिट कार्ड बनवाया है। ऐसे में अब किसानों का सबसे ज्यादा लाभ आसानी से मिल सकेगा, क्योंकि इससे पहले तीन लाख से अधिक ऋण की जरूरत होने पर किसानों को अन्य तरह का लोन लेना पड़ता है। वहीं, 80 हजार 540 पात्र गरीबों के बाद भी छूटे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण का लाभ मिल सकेगा। हालांकि इसके लिए सर्वे का कार्य चल रहा है, जिसमें आठ हजार लोगों का सर्वे हो चुका है। इनमें पात्रों की उम्मीदें भी सरकार की घोषणा से बढ़ गई हैं।