परिवार परामर्श केंद्र की ओर से पुलिस लाइन परिसर में रविवार को आयोजित शिविर में पारिवारिक विवाद सुने गए। इसमें कल 11 पारिवारिक विवाद प्रस्तुत हुआ, जिसमें कुशलता के बाद तीन परिवारों की विदाई कराई गई। एक को विधिक कार्रवाई का सुझाव दिया गया, वहीं दो को कुशलता के बंद करा दिया गया।
नंदगंज के रेवसा निवासी अस्मिता पत्नी वंशराज की शिकायत थी कि उसके पति घरेलू तथा बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर रहे थे। बच्चों को हमेशा मारते-पीटते रहते हैं, जिसे समझा कर विदाई करवाई गई। मरदह के कोदई निवासी सोनी चौहान पत्नी कमलेश चौहान का आरोप था कि उसके सास-ससुर एवं पति उसके साथ हमेशा मारपीट करते रहते हैं, इस पर ससुराल पक्ष के लोगों को समझाकर विदाई कराई गई। बरेसर की चंदा देवी पत्नी राजा राम की शिकायत थी कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसको मारपीट कर आधार, निर्वाचन, पैन कार्ड तथा आवश्यक पत्रावली को जबरदस्ती रख लिए हैं। इस पर ससुराल पक्ष को समझा कर तथा चंदा देवी के आवश्यक पत्रों को दिलाते हुए विदाई कराई गई। कुशलता के बाद दो पारिवारिक विवाद के प्रकरण को बंद कर दिया गया। एक पारिवारिक विवाद के प्रकरण को विधिक कार्रवाई का सुझाव देते हुए बंद कर दिया गया। शेष के निस्तारण के लिए अगली तिथि पांच जून निर्धारित की गई। इस मौके पर सरदार दर्शन सिंह, शिव शंकर तिवारी, विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, सरिता गुप्ता, सोनिया सिंह, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी पूनम सिंह, आरक्षी रोली सिंह मौजूद रही।