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किर्गिस्तान में फंसे बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं परिजन

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सेवराई। कोरोना महामारी के दौरान किर्गिस्तान में फंसे एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए अपने बच्चों को लेकर परिजन चिंतित हैं। वह ईश्वर और अल्लाह से उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। अभिभावकों ने सरकार से बच्चों के सकुशल वतन वापसी की फरियाद भी की जा रही है। लेकिन अभी तक उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई है।
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कोविड-19 महामारी के दौर में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में फंसे जनपद के पांच सहित प्रदेश के कुल 190 विद्यार्थियों के अभिभावक चिंतित हैं। सेवराई तहसील क्षेत्र के गोड़सरा गांव निवासी जावेद खान ने बताया कि उनका बेटा सैफ अली खान दो साल पूर्व किर्गिस्तान में गया है। इस महामारी के दौरान जहां सब लोग अपने घरों को वापस आ गए हैं। लेकिन वह अब भी वहीं फंसा है। लाकडाउन के कारण सैफ अपने परिवार से दूर किर्गिस्तान है। माता-पिता से टेलीफोन से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके साथ क्षेत्र के करीब पांच छात्र और फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के चलते मेडिकल कॉलेज और कोचिंग भी बंद है। छात्रों की दो महीने से वतन वापसी की हर कोशिश बेकार साबित हो रही है। छात्रों के परिजन भारत सरकार से अपने बच्चों के सकुशल घर वापसी के लिए फरियाद लगा रहे हैं। बच्चे के घर न आने के कारण सैफ की मां, भाई-बहन सहित सभी परिवार चिंतित एवं परेशान हैं। सैफ के दादा डॉ नासिर खान ने आंसू भरी आंखों से बताया कि बच्चों के वतन वापसी के लिए कई बार संबंधित कार्यालयों में संपर्क किया गया, लेकिन अभी तक कोई रास्ता नहीं निकल पाया है। उनकी हर कोशिश नाकाम होने से और भी मायूस हो गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सभी छात्रों की जल्द से जल्द सकुशल वतन वापसी कराने की मांग की है।
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