गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी संतोष वैश्य ने कहा कि संचारी रोग, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं इसके त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का द्वितीय चरण एक से 31 जुलाई तक तथा दस्तक अभियान 17 से 31 जुलाई के बीच प्रस्तावित है।
वे रायफल क्लब सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अंतर विभागीय समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विशेष संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान, संचारी रोगों, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने प्राप्त विभागीय कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कार्ययोजना के तहत ही कार्य करने के लिए निर्देश किया। उन्होंने कहा कि जनपद में तहसील, ब्लॉक, ग्राम स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मच्छर जनित एवं संचारी रोगों से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे जागरूक करने की आवश्यकता है। बच्चों को स्कूलों में लार्वा पनपने के स्रोतों की जानकारी दी जाए और उन्हें जागरूक करने के लिए प्रतियोगिता भी कराई जाए। सभी मलेरिया निरीक्षकों को फील्ड में भ्रमणशील किया जाय। हाई रिस्क गांवों में युद्ध स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान में आशा-आंगनबाड़ी साथ में अनिवार्य रूप से भ्रमण करें। शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में फागिंग व एंटीलार्वा एक्टिविटी बढाया जाए। हैंडपंप और अन्य जल-जमाव वाले स्थलों को चिन्हित करते हुए यह सुनिश्तिच करें कि कहीं भी आसपास जलजमाव न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से जनसंपर्क एवं जन जागरण, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल, वातावरणीय स्वच्छता सहित विभिन्न बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि दस्तक अभियान में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगी। लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति का संपूर्ण विवरण एक लाइन लिस्टिंग फॉर्मेट में अंकित कर क्षेत्रीय एएनएम के जरिए ब्लॉक मुख्यालय को उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के द्वितीय चरण पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए इस विषय पर एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों के मध्य उचित समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम की कार्ययोजना बनाकर मुख्य चिकित्साधिकारी को 27 जून तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।