गाजीपुर। हैरान न हो, यह सच है। दूरी 15 मीटर और 40 गड्ढ़े। सच जानना है तो जिला मुख्यालय से दस किमी दूर सहबाजकुली चलना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर सड़क के बीच मौजूद गड्ढ़ों को देख लोगों की रूह कांप जा रही है। जिम्मेदारों की उपेक्षा का दंश इलाके की जनता और रोजना इस मार्ग से होकर गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को झेलना पड़ रही है। यहां प्रतिदिन एक-दो नहीं आधा दर्जन से अधिक लोग सड़क टूटने के कारण गिरकर घायल हो रहे हैं। इन दुुर्घटनाओं में कुछ की जान तक जा चुकी है।
जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले नेशनल हाई-वे के अनगिनत गड्ढे छोटे-बड़े हादसों के गवाह बन चुके हैं। लोग आए दिन सड़क दुर्घटनाओं को करीब से देखते हैं। शुक्रवार को इसी गड्ढ़े में एक ई- रिक्शा जहां पलट गया, वहीं कुछ दिन पहले इस गड्ढे ने एक व्यक्ति की जान ले ली थी। लेकिन जिम्मेदार हैं कि इस समस्या से आमजन बने हुए हैं। चुनावी मौसम न होने की वजह से सभी चुप्पी साधे हुए हैं। विकास के लिए चुने गए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों की बेरूखी से आहत इलाके के लोग हर रोज होने वाले हादसों से जनता को राहत देने के लिए खुद बीड़ा उठा लिए हैं। यहां कई परिवार के लोग मिलकर एक समूह बना लिए हैं। यह समूह सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की खुद अपने दरवाजे पर ले जाकर मलहम पट्टी करता है। लेकिन जानलेवा गड्ढों से निजात कौन दिलाएगा ? लोगों को इस समस्या से छुटकारा कब मिलेगा ? यह सवाल सबके जेहन में बार-बार आ रहा है। अब उधड़ी और गड्ढ़े में तब्दील सड़क की बदहाली और बेबसी का दर्द लोगों की आंखों में साफ तौर पर झलक रहा है।
सहबाजकुली में कोल्ड स्टोरेज से सटे बस्ती और हर दिन यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों की कई सालों से समस्या जस की तस बनी हुई है। इस स्थान पर राष्ट्रीय राजमार्ग जानलेवा बन चुका है। लोग सड़क पर बन चुके दर्जनों गड्ढों में असंतुलित होकर असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। 15 मीटर की दूरी में गड्ढों में तब्दील हो चुकी जानलेवा सड़क पर हर दिन 60 से 80 हादसे हो रहे हैं। ऑटो रिक्शा, कार, बाइक से लेकर ट्रक-बस के पहिए तक सड़क के इन खतरनाक हो चुके गड्ढोंश् में अटक जा रहे हैं। रात के अंधेरे में चुनौती दोगुनी हो जा
रही है। प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से कई वाहन आपस में ही टकराकर बाल-बाल बड़े हादसों से बच रहे हैं।
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यूपी से बिहार को जोड़ने वाले एनएच की हो रही उपेक्षा
यूपी-बिहार को जोड़ने वाले अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की उपेक्षा की जा रही है। इस मार्ग से प्रदेश के कई काबीना व राज्य मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी के अलावा आला अफसरों का आवागमन हो रहा है। लेकिन बलिया-गाजीपुर और बिहार के कई जिलों को जोड़ने वाली यह सड़क जानलेवा बन चुकी है। सड़क के जीर्णोंद्धार या नव निर्माण पर किसी ने अब तक गंभीरता नहीं दिखाई है। इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री का काफिला इसी राजमार्ग से होकर गुजरा था। उस समय करीब 50 मीटर की दूरी तक सड़क पर चिप्पी लगाकर खानापूर्ति कर दी गई थी। लेकिन मुख्य स्थान पर सड़क के गड्ढों को सही नहीं किया गया, जो आज जानलेवा बन चुके हैं।
फैक्ट फाइल-
-सहबाजकुली में 15 मीटर दूरी में जानलेवा बनी है सड़क।
-एक दशक पहले हुुआ था राष्ट्रीय राजमार्ग का नव निर्माण।
-एक ही स्थान पर 40 गड्ढों में तब्दील है सड़क।
-हर दिन हो रहे 60 से 80 हादसे
-कुछ माह पहले हो चुकी है एक बाइक सवार की मौके पर मौत।
-हर रोज होता है सैकड़ों वाहनों का आवागमन।
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