जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट के सभागार में मंगलवार को हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएचसी गोड़उर के बीपीएम (ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर) त सीएचसी भदौरा एवं गोड़उर के बीएएम (ब्लॉक अकाउंट मैनेजर) के कार्य में लापरवाही मिलने पर वेतन रोक दिया उन्हें स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी एमओवाईसी से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों के मरीजों की जानकारी अवश्य रखें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने एमओवाईसी से कहा कि किसी भी प्रकार का भुगतान लंबित न रहे एवं तत्काल भुगतान करें। टीबी के मरीजों को सरकारी दवा ही दी जाए एवं जांच कराने के लिए जागरूक करें।
किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए। आशा का भुगतान समय से किया जाएं। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता रहे। ओपीडी का संचालन तथा नियमित रूप से सीएचओ एवं एनएम की उपस्थिति का निर्देश दिया।
उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को हेल्थ वेलनेस सेंटर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने को कहा। समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के संबंध में जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घंटे रोके जाने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने ओपीडी एवं आईपीडी, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाएं, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, आभा आईडी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जेएसवाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण आदि बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुनील पांडेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एनएचएम), सभी एमओवाईसी एवं अन्य संबंधित जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।