समेकित शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए अब जिले के परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों का शिक्षण कार्य उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और रुचि के अनुरूप विशेष शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में स्पर्शीय नक्शा, ब्रेल वर्णमाला, मैग्नेटिक बोर्ड जैसी विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ये सामग्री दिव्यांग बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल होने में मदद करेगी। इसके लिए शासन से प्रति विद्यालय एक हजार रुपये की दर जिले को 22.66 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। अब समेकित शिक्षा के तहत विशेष सामग्री के तहत ऐसे बच्चों का शिक्षण कार्य कराया जाएगा। नोडल शिक्षक इस टीएलएम सामग्री का प्रयोग कर दिव्यांग बच्चों को विषय वस्तु काे सिखाएंगे। इस टीएलएम सामग्री में स्पर्शीय नक्शा, स्पर्शीय नंबर कार्ड (ब्रेल के साथ), स्पर्शीय वर्णमाला कार्ड, ड्राई इरेज बोर्ड, मैग्नेटिक बोर्ड, फ्लैशबोर्ड-हिंदी वर्णमाला, शब्द कार्ड, गिनती कार्ड, शब्द-वाक्य चित्र, स्केच पेन, वैक्स रंग, विभिन्न प्रकार के चार्ट, मॉडल शामिल रहेंगे। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता ने बताया कि एक हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से एसएमसी खाते में धनराशि भेज दी गई है। दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता एवं रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम आधारित पढ़ाई कराई जाएगी।