सादात / भीमापार। बाइकों की तेज रफ्तार से दो गांवों के तीन घरों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। मृतक दीपक व शनि कक्षा 12वीं के छात्र थे। जबकि विजय उर्फ रोलू एक माह पूर्व ही मुंबई से घर आया था। इधर, हादसे में गंभीर रूप से घायल शुभम की हालत नाजुक बनी हुई। बेटे की हालत देखकर परिजन बदहवास पड़े थे।
मुबारकपुर हरतरा निवासी चंद्रशेखर राम ने बताया कि पुत्र शनि कुमार 12 वीं कक्षा का छात्र था। छोटा पुत्र समर सातवीं कक्षा का छात्र है। किसी को क्या पता था कि उर्स में शामिल होने जा रहा था पुत्र की हादसे में जान चली जाएगी। यह कहते ही पिता चंद्रशेखर राम और माता रेनू देवी फफक पड़े। ग्रामीण उन्हें ढांढस बधाने में जुटे रहे।
मुबारकपुर हरतरा गांव निवासी मृत दीपक यादव के पिता हजारी यादव वाराणसी में निजी वाहन चलाते हैं। चार भाई और एक बहन में दीपक दूसरे नंबर पर था। वह भी कक्ष 12वीं का छात्र था। बड़े भाई पंकज, बहन माधुरी, भाई किशन, गोपाल और माता राधिका देवी के बिलखने से गांव में चीख- पुकार मची हुई थी। ग्रामीणों के समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरकार बृहस्पतिवार की रात गांव पर किसकी नजर लग गई। दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा पड़ा।
वहीं दूसरी बाइक सवार बहरियाबाद थाना क्षेत्र निवासी विजय उर्फ रोलू राजभर चार भाईयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई राजकुमार, शिवकुमार, अजय, माता निर्मला देवी और पिता लालचंद्र राजभर के रोने- बिलखने की आवाज सुनकर दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल शुभम कुमार का वाराणसी ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पिता मनोज कुमार पुत्र की यह हालत देख कभी बिलख पड़ते तो कभी डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से पुत्र को जल्द ठीक करने की गुहार लगाने लगते।