फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mukhtar Ansari: माफिया मुख्तार अंसारी पर बड़ा फैसला, पढ़ें- किस मामले में मुख्तार को मिली दस साल की सजा

Sat, 29 Apr 2023 02:38 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर

सार

अफजाल अंसारी,मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस केस में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस गैंग चार्ट में शामिल है। वहीं नन्द किशोर रूंगटा के अपहरण और हत्या का केस भी गैंग चार्ट में शामिल है। 
विज्ञापन
मुख्तार और अफजाल अंसारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माफिया मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर के मामले में शनिवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में फैसला आ गया है। कोर्ट में मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई है साथ ही 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। 

विज्ञापन


न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण बीते 15 अप्रैल को फैसला नहीं आ सका था। वर्ष 2007 के इस मामले में बीते एक अप्रैल को बहस और सुनवाई पूरी कर ली गयी थी और 15 अप्रैल को फैसला होना था।
यह भी पढ़ें- Nikay Chunav: सपा के चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश ने भाजपा को बताया मायावी पार्टी, कार्यकर्ताओं को दिया ये मंत्र
विज्ञापन

अफजाल अंसारी,मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस केस में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस गैंग चार्ट में शामिल है। वहीं नन्द किशोर रूंगटा के अपहरण और हत्या का केस भी गैंग चार्ट में शामिल है। 

कृष्णानंद राय और मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
ये है पूरा मामला 
29 नवंबर 2005 को गाजीपुर के भांवरकोल थाना अंतर्गत सियाड़ी गांव में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक असलहों से लगभग 400 राउंड से ज्यादा फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी। सातों लोगों का शव पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू लाया जाने लगा तो भाजपा विधायक के समर्थक उग्र हो गए थे और जगह-जगह तोड़फोड़ व हिंसा की गई थी।

 
विज्ञापन

कृष्णानंद राय - फोटो : अमर उजाला
बलिया से लेकर मऊ, गाजीपुर और बनारस तक फूटा गुस्सा 

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद बलिया से लेकर मऊ, गाजीपुर और बनारस तक उनके समर्थकों में एक हफ्ते तक जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला था। अपने नेता की सनसनीखेज हत्या को समर्थक पचा नहीं पा रहे थे। नृशंस हत्याकांड के विरोध में समर्थकों ने जगह-जगह आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की थी। 
यह भी पढ़ें- Sonebhadra: ओबरा परियोजना के जेई का झाड़ियों के पास मिला शव, घर से ड्यूटी के लिए निकले थे और फिर...
वहीं, वाराणसी शहर की बात करें तो यहां समर्थकों ने लंका, भेलूपुर, कमच्छा, सिगरा, इंग्लिशिया लाइन और लहुराबीर सहित कुछेक अन्य इलाकों में जमकर उपद्रव किया था। समर्थकों का आक्रोश देखते हुए कई निजी स्कूल और कॉलेज कुछ दिनों के लिए बंद कर दिए गए थे। इसके साथ ही गाजीपुर और बनारस में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें