परिजन जब बालक की तलाश करने लगे तो गांव एक बच्चें ने बताया कि संजय नट बालक को बहला फुसला कर अपने घर ले गया। सूचना पर पहुंची पुलिस संजय नट के घर पहुंची और बालक के शव को बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार पुलिस 19 मई 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। छह जून 2024 को न्यायालय ने चार्ज फ्रेम किया। अभियोजन ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।