नगर के ददरी घाट पर रविवार को विश्राम स्थल का निर्माण कार्य लोगों के विरोध के बाद रोक दिया गया। काम शुरू होने के बाद पक्के घाट की सीढि़यां बीचोबीच तोड़ी जा रहीं थीं। यह देखकर कुछ लोग भड़क गए और विरोध शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर नगर पालिका की ईओ अमिता वरुण पहुंचीं। उन्होंने 26 फरवरी तक कार्य रोकने का निर्देश दिया।
नमामि गंगे योजना के तहत नगर के ददरी घाट और पोस्ता घाट पर जेटी का निर्माण प्रस्तावित है। इसी क्रम में जल परिवहन विभाग की ओर से नगर पालिका से एनओसी लेकर ददरी घाट पर विश्राम स्थल का निर्माण कराने को लेकर पक्के घाट पर सीढि़यों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया। तोड़ाई कार्य के कारण घाट बदहाल होने लगा। यह नजारा देखकर कुछ स्थानीय लोगों से रहा नहीं गया। उन्होंने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जब विश्राम स्थल ही बनाना है तो पक्के घाट के बगल में बनाया जाए। वहां पर जगह भी पर्याप्त है। पक्के घाट की सीढि़यों को तोड़ना ठीक नहीं है। बीचोबीच खोदाई करने से गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। महाशिवरात्रि का पर्व भी आने वाला है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचीं नगर पालिका ईओ अमिता वरुण ने तुरंत कार्य को रोकने का निर्देश दिया। कहा कि इसके बारे में संबंधित विभाग और डीएम से वार्ता की जाएगी। फिलहाल 26 फरवरी तक कोई कार्य नहीं होगा।
हल्दिया से प्रयागराज तक जल्द से जल्द जल यातायात शुरू करने की कवायद चल रही है। इसी क्रम में नगर के दो गंगा घाटों पर जेटी का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इनमें ददरी घाट और पोस्ता घाट शामिल हैं। जेटी के तहत दोनों गंगा घाटों पर शेड और बेंच लगाकर विश्राम स्थल बनाने का कार्य किया जाना है। इसे लेकर ददरीघाट पर निर्माण चल रहा था। वहीं हल्दिया से प्रयागराज तक जल यातायात शुरू होने से लोगों को सफर के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। अब तक सड़क और ट्रेन मार्ग से ही लोग आवागमन करते हैं। साथ ही किसानों और व्यापारियों को भी अपने उत्पादों के आयात एवं निर्यात में सहूलियत मिलेगी।