गहमर कोतवाली में तैनात यौन शोषण के आरोपी सिपाही मोहित यादव को एसपी विनय कुमार सिंह ने शनिवार की देर शाम तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच बैठा दी है। सिपाही के साथ अज्ञात पर भी दिलदारनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल पुलिस एक-एक बिंदु पर छानबीन में जुटी हुई है।
गहमर थाने में तैनात प्रतापगढ़ निवासी आरक्षी मोहित यादव पर दिलदारनगर थाना के एक गांव की किशोरी ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। किशोरी ने न्याय की गुहार लगाई थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। पीड़िता ने वायरल वीडियो में कहा था कि करीब छह माह पहले लखनऊ से पंजाब मेल से लौटते समय उसकी मुलाकात आरक्षी मोहित यादव से हुई थी। बातचीत के दौरान आरक्षी ने अपना मोबाइल नंबर दिया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई थी। किशोरी ने आरोप लगाया था कि आरक्षी ने शादी का झांसा देकर उसे विश्वास में लिया और होटलों में ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरें बना ली थीं। आरोप लगाया था कि आरक्षी ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया था। पीड़िता ने एसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी। पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराई थी। सीओ जमानिया ने रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंप दी थी। एसपी के निर्देश पर शनिवार की रात दिलदारनगर थाने में गहमर कोतवाली में तैनात सिपाही मोहित यादव सहित अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर शनिवार को गहमर कोतवाली में तैनात सिपाही मोहित यादव सहित अज्ञात के खिलाफ दिलदारनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है।